जल्दी वीर्यपात – एक मौन आत्मविश्वास हत्यारा


 अपने 44+ साल के मनोचिकित्सक और सेक्सोलॉजिस्ट अनुभव में मैंने बार-बार एक ही बात देखी है -

पुरुष लवकर वीर्यपात (Premature Ejaculation) से पीड़ित होते हैं, परंतु लज्जा, संकोच और अपराधबोध के कारण चुपचाप सहते रहते हैं।
आइए आज इस मौन पीड़ा को आवाज़ दें।
लवकर वीर्यपात कोई कमजोरी नहीं, बल्कि यह मन और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी अवस्था है
जहाँ चिंता, प्रदर्शन-दबाव और अतिसंवेदनशील तंत्रिका प्रणाली हमारे नियंत्रण को बिगाड़ देती है।

🧠 वैज्ञानिक कारण:-
सेक्सुअल उत्तेजना के समय मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड
Serotonin और Dopamine के माध्यम से टाइमिंग नियंत्रित करते हैं।
लेकिन जब चिंता या डर बढ़ जाता है, तो यह नियंत्रण-वाल्व टूट जाता है
और व्यक्ति अपनी इच्छा से पहले स्खलित हो जाता है।

💬 कुछ आम भ्रांतियाँ:-
❌ “मेरी स्टैमिना कम है।”
❌ “मास्टर्बेशन ने शरीर खराब कर दिया।”
❌ “इसका इलाज नहीं है।”

✅ सच यह है:
सही थेरेपी, रिलैक्सेशन, ब्रीदिंग कंट्रोल, बिहेवियरल ट्रेनिंग और पार्टनर कम्युनिकेशन से
अधिकांश पुरुष कुछ ही हफ्तों में फिर से आत्मविश्वास पा लेते हैं।

याद रखिए —
सेक्सुअल स्ट्रेंथ समय से नहीं, उपस्थिति और जुड़ाव से मापी जाती है।
अगर आप या आपका कोई परिचित इस समस्या से जूझ रहा है,
तो छुपिए मत - सही समय पर सहायता लीजिए।
विज्ञान वह सब ठीक कर सकता है जिसे शर्म छिपा लेती है।

🔗 डॉ. दीपक केळकर
MD (Psychiatry), DPM (NIMHANS)
सेक्सोलॉजिस्ट | हिप्नोथेरपिस्ट | रिलेशनशिप हीलर
संस्थापक – सन्मित्र मानस हॉस्पिटल, अकोला

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